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सैनी समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन की कलश यात्रा में उमड़ा सैलाब, 2100 महिलाओं ने सिर पर रखे कलश

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सैनी समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन की कलश यात्रा में उमड़ा सैलाब, 2100 महिलाओं ने सिर पर रखे कलश

लालसोट. महात्मा ज्योतिबा फूले सेवा समिति के तत्वावधान में उपखण्ड के डिडवाना कस्बे में धाकड़ा स्कूल के पास आयोजित माली सैनी समाजे नवम सामूहिक विवाह सम्मेलन में वैवाहिक रस्मों की शनिवार को शुरुआत हो गई। विशाल मंगल कलश यात्रा ऐतिहासिक रही। दोपहर की कड़ी धूप के बीच हजारों पुरुष व महिलाओं की जोश भरी भागीदारी से सामाजिक एकजुटता की झलक भी नजर आई। कलश यात्रा में पारंपरिक परिधानो ं में सजी 2100 महिलाओं ने अपने सिर पर कलश रखेे, इसके अलावा समाज के हजारों जनों के सा विभिन्न संगठन एवं हेेला ख्याल गायक कलाकारों के दल भी अपने अपने वाद्य यंत्रों के साथ शामिल हुए। कलश यात्रा डिडवाना कस्बे के रामशाला बालाजी मंदिर से रवाना हुई एवं लालसोट-तूंगा रोड़ होते हुए सम्मेलन स्थल पर पहुंची। 1 किमी लंबी कलश यात्रा करीब 4 घंटें में धाकड़ा स्कूल पर पहुंची। इस दौरान जगह जगह जेसीबी से पुष्प वर्षा की गई एवं सैकड़ों कार्यकर्ता विभिन्न व्यवस्थाओं का जिम्मा संभालते नजर आए। इससे पूर्व शनिवार सुुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश स्थापना एवं मंडप स्थापना की गई। पं. युगराज शर्मा की अगुवाई में विप्र्र जनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश स्थापना एवं मंडप स्थापना कराई गई। कार्र्यक्रम का संचालन पार्षद जेपी सैनी एवं सूरज सैनी एडवोकेट ने किया। शाम को सामूहिक भात की रस्म हुई एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।

आज 131 जोड़े बनेगें जीवन साथी

समिति के अध्यक्ष किशनलाल सैनी धाकड़ा ने बताया कि सम्मेलन में रविवार को समाज के 131 जोड़े हजारों लोगों की मौजदूगी में अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर दांपत्य जीवन में प्र्रवेश करेंगें। रविवार सुबह 9.15 बजे प्र्रधान कुंड व तुलसी विवाह की बोली,10.15 बजे अगवानी, 12.15 बजे अतिथि उद्बोधन, 1.15 बजे तोरण, 3.15 बजे पाणिग्रहण संस्कार की रस्म होंंगी। इस दौरान दोपहर 1 बजे से 7 बजे तक प्र्रीतिभोज का आयोजन होगा।

पांचू पांडव परिवार के छूटी बोली

कलश यात्रा शुरू होने से पहले ध्वज व मुख्य कलश की बोली लगाई गई, जिसमे समाज के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया, दोनो ही बोली धाकड़ा डिडवाना के पांचू पांडव (थडोल्या) परिवार के नाम छूटी। ध्वज की बोली रतनलाल पुत्र बाबूलाल सैनी एवं मुख्य कलश की बोली डॉ. हरकेश पुत्र किशनलाल सैनी (अध्यक्ष, ज्योतिबा फूले समिति) के नाम छूटी, जिनका समाज की ओर से अभिनंदन किया गया।

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