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बालकों को शिक्षा के साथ संस्कार भी जरुरी, सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देकर संपन्न हुआ संस्कार शिविर, गूंजे वैदिक मंत्र, सप्तकुण्डीय हवन में दी आहूतियां

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बालकों को शिक्षा के साथ संस्कार भी जरुरी, सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देकर संपन्न हुआ संस्कार शिविर, गूंजे वैदिक मंत्र, सप्तकुण्डीय हवन में दी आहूतियां

लालसोट. स्थानीय ब्राह्मण समाज एवं श्री राष्ट्रीय परशुराम सेना संघ द्वारा परशुराम मंदिर में आयोजित सप्त दिवसीय संस्कार शिविर का रविवार को समापन हुआ। 31 मई से शुरू हुए इस शिविर में बालक-बालिकाओं एवं युवाओं को सनातन संस्कृति, नैतिक मूल्यों, भारतीय परंपराओं, धार्मिक ज्ञान और व्यक्तित्व विकास का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में मौजूद संभागी बालकों एवं समाज के प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए अयोध्या धाम रामगढ पचवारा के महंत रामदास महाराज ने कहा कि बालकों को शिक्षा के साथ संस्कार भी देना जरुरी है, वर्तमान समय में सनातन संस्कृति एवं भारतीय संस्कारों के संरक्षण के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं, समाज को बच्चों और युवाओं को धार्मिक व सांस्कृतिक शिक्षा से जोडऩे के लिए आगे आना चाहिए। परशुराम सेना संघ के प्रदेश प्रभारी पवन शर्मा बिचपुरी ने कहा कि ऐसे संस्कार शिविर नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोडऩे का सशक्त माध्यम हैं। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निवर्तमान सभापति पिंकी चतुर्वेदी ने कहा कि शिविर में प्राप्त ज्ञान, अनुशासन एवं संस्कारों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करना ही इस आयोजन की वास्तविक सफलता होगी। संस्कार शिविर के समापन कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत गरिमामय माहौल में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। पंडित दीपक शर्मा पटेल के आचार्यत्व में सप्तकुण्डीय हवन का आयोजन किया गया। जिसमे संभी संभागी बालकों, विप्रजनों एवं श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण, समाज की उन्नति और संस्कारों की रक्षा की कामना की।

भामाशाहों का विशेष सम्मान

समारोह की शुरुआत में रामचरण बोहरा, सियाराम शरण शर्मा, नवीन शर्मा सुकार, लक्ष्मण मनोहरका, वेदप्रकाश शर्मा एवं गोविन्द सहाय शर्मा ने संत महात्माओंं एवं अतिथियों का दुपट्टा और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। इसके अलावा शिविर के सफल संचालन में उल्लेखनीय सहयोग देने के लिए भामाशाह भानुप्रकाश चतुर्वेदी एवं पुरुषोत्तम जोशी का विशेष सम्मान किया गया। इसके अलावा सात दिनों तक अनुशासित रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 35 शिविरार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र एवं गीता की पुस्तक देकर पुरस्कृत किया गया। समापन समारोह में आचार्य कृपाचार्य शर्मा, डॉ. अनुज शर्मा, कमलेश त्रिवेदी (गंगापुर सिटी), कृपाशंकर शर्मा, एल.एन. भारद्वाज,नवल किशोर शर्मा, रवि शर्मा, अजय हट्टीका, महेश शर्मा, राजेश कुमार शर्मा, मुकेश पुरोहित, विनय शर्मा, सागर शर्मा, आदित्य शर्मा, वंश शर्मा, आनंद शर्मा, नीरू शर्मा, अमन शर्मा, अविनाश शर्मा ने भी शिविर के आयोजन को समाज के बालकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।

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