किसानों ने किया ब्यावर-भरतपुर एक्सप्र्रेसवे का विरोध, जन सुनवाई के दौरान जताया विरोध, दर्ज करार्ई आपत्तियां , एसडीएम कार्यालय में प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा जन सुनवाई का आयोजन

लालसोट. प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर एक्सप्र्रेसवे के निर्माण से पूर्व पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए सोमवार को उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में जन सुनवाई का आयोजन किया गया। प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा आायोजित जन सुनवाई में अतिरिक्त जिला कलक्टर मनमोहन मीना, एसडीएम विजेन्द्र कुमार मीना एवं प्रदूषण नियंत्रण मंडल एवं प्रोजेेक्ट से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। जन सुनवाई में किसानों ने प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर एक्सप्र्रेसवे के निर्माण का विरोध करते हुए कहा कि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए उनकी भूमि का अधिग्रहण होने से उन्हे पलायन करना पड़ जाएगा। प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर एक्सप्र्रेसवे के निर्माण से विकास के दावे तो किए जा रहे है, लेकिन भूमि अधिग्रहण से जो परिवार प्रभावित हो रहे है, उनके भविष्य के बारे में कुछ नही सोचा जा रहा है। लोगों के खेत व घर इससे प्रभावित हो रहे है, अधिकारी उनकी पीड़ा को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाए,जिससे उन्हे कुछ लाभ मिल सके। जन सुनवाई में किसानों ने कहा कि वे कई बार ज्ञापन दे चुके है, कोई सुनवाई नही हो रही है। इस दौरान कई किसानों ने कहा कि ब्यावर-भरतपुर एक्सप्र्रेसवे के निर्माण से दक्षिण सागर बांध और बिनौरी सागर बांध के पूरी तरह नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है, जबकि इन बांधों पर लालसोट व बामनवास तहसील के लगभग 25 से 30 गांवों की करीब 5 लाख आबादी और हजारों मवेशी पेयजल के लिए पूरी तरह निर्भर हैं। उपखण्ड अधिकारी विजेन्द्र कुमार मीना ने कहा कि प्रभावित किसानों की आपत्ति को दर्ज किया जा रहा है, किसानों की आपत्तियो उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा एवं यह भी प्रयास रहेगा कि किसी भी किसान को कम से कम नुकसान हो। अतिरिक्त जिला कलक्टर मनमोहन मीना ने कहा कि किसानों की सभी शिकायतों को नोट किया गया है और सभी शिकायतों व शंकाओं के निराकरण का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
