लालसोट में भव्य कलश यात्रा के साथ नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ, 251 महिलाओं ने रखे सिर पर कलश, राष्ट्रीय संत दिव्य मारोरी बापू के सानिध्य में नौ दिवसीय श्रीशिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ।

लालसोट. पवित्र श्रावण मास के शुभ अवसर पर शनिवार को शहर पूरी तरह शिवमय नजर आया। शहर के श्रीघाटेश्वरनाथ महादेव मंदिर से 251 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ राष्ट्रीय संत दिव्य मारोरी बापू के सानिध्य में नौ दिवसीय श्रीशिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाओं के जत्थे, भगवान शिव के जयघोष, बैंड-बाजों और भजन-कीर्तन के बीच निकली शोभायात्रा प्रमुख बाजारों से होकर कथा स्थल रामकृष्ण गायत्री मंदिर पहुंची। बारिश की रिमझिम फुहारों ने भी अपनी बूंदों के माध्यम से पदयात्रा में वंदन किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया एवं श्रद्धालुओंं ने दिव्य मारोरी बापू का आशीर्वाद भी लिया। कलश यात्रा के पूरे मार्ग पुलिस जाप्ता भी मौजूद रहा। इस दौरान त्रिवेणी देवी शर्मा रमेशचंद शर्मा, विष्णु उपाध्याय, रामचरण बोहरा, देवकी भींवाल,जगदीश अग्रवाल,गोरधन नाटाणी, कैलाश दौलतुपरा, रमेश बटवाड़ा, बृृजमोहन सुकलाव, गणेश सैन समेत कई श्रद्धालु एवं प्र्रबुद्ध जन भी मौजूद रहे।
कथा स्थल पर राष्ट्रीय संत दिव्य मोरारी बापू ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगलाचरण के साथ श्रीशिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया। प्रथम दिवस उन्होंने शिव महापुराण माहात्म्य विषय पर प्रवचन देते हुए कहा कि शिवमहापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन के कल्याण का दिव्य मार्ग है। इसका श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से मनुष्य के ज्ञात-अज्ञात पापों का नाश होता है तथा उसे भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और अंतत: मोक्ष की प्राप्ति होती है।
