श्रेष्ठ नागरिक और सशक्त राष्ट्र निर्माण में गुरु का स्थान सर्वोपरि, गुरु वंदन कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन

लालसोट. अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) खंड द्वारा मंगलवार को गुरु वंदन कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सहकार्यवाह बसराम माली ने प्राचीन गुरुकुल व्यवस्था, ईश्वरीय ज्ञान और गुरु के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा, भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है।मुख्य अतिथि सीबीईओ शीला मीना ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु वह दिव्य शक्ति है जो व्यक्ति को अज्ञान रूपी अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है और जीवन को एक सही दिशा प्रदान करती है। विशिष्ट अतिथि मदन पारीक ने आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इन्हें अपनाकर व्यक्ति शांतिपूर्ण, संतुलित एवं सुखमय जीवन व्यतीत कर सकता है। प्रदेश पर्यावरण प्रकोष्ठ सदस्य परीक्षित शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के विषय पर उपस्थित शिक्षकों के साथ विचार साझा किए। एसीबीईओ अशोक शर्मा, अमित बड़ाया, आलोक भारद्वाज, मुकेश मीना, खंड अध्यक्ष अविनाश शर्मा, वीर सिंह मीना, रमेश मीना, सुनील गुप्ता, बदराम मीना, कृष्ण कुमार जैमिनी, गोपाल शर्मा, विष्णु शर्मा, विरेन्द्र जैन, दिनेश सैनी, सुनील सूरतपुरा, राधामोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, पवन गुप्ता, रामचन्द्र साहु ने भी विचार प्रकट किए। कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र जांगिड़ द्वारा किया गया।
