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लालसोट पुलिस थाना परिसर में महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित, 300 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने सीखे आत्मरक्षा व डिजिटल सुरक्षा के गुर

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लालसोट पुलिस थाना परिसर में महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित, 300 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं ने सीखे आत्मरक्षा व डिजिटल सुरक्षा के गुर

लालसोट. राजस्थान सरकार एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस थाना परिसर में एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्र्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। वृत्ताधिकारी सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता मेंं आयोजित कार्र्यशाला में क्षेत्र की सुरक्षा सखियों, महिला संगठनों, समाज सेविकाओं, आशा सहयोगिनियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, कॉलेज की छात्राओं, महिला स्टाफ और ग्रामीण इलाकों से आई महिलाओं सहित करीब 300 से अधिक महिला व बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौैके पर वृत्ताधिकारी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिलाएं किसी भी डर के बिना अपनी बात पुलिस के सामने रखें, पुलिस हर कदम पर उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है।” उन्होंने महिलाओं व बालिकाओं को महिला सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया एवं आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1090 और 112 की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया। थानाधिकारी हरलाल मीना ने डिजिटल सुरक्षा व राजकॉप सिटीजन ऐप पर जानकारी देते हुए एंड्रॉइड मोबाइल में राजकॉप सिटीजन ऐप डाउनलोड करवाया गया। साथ ही ऐप में दिए गए एसओएस बटन के प्रयोग और अन्य डिजिटल आपातकालीन सुविधाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड के प्रति सचेत करते हुए वन टाइम पासवर्ड , बैंक संबंधी जानकारी या निजी डेटा शेयर न करने की सख्त सलाह दी।महिला पुलिस कांस्टेबल मोजंती मीना द्वारा बालिकाओं और महिलाओं को किसी भी विषम परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। महिला सुरक्षा सलाहकार केन्द्र की कांउसलर सुषमा चौधरी ने छोटी बालिकाओं व छात्राओं को गुड टच और बैड टच के अंतर को समझाया गया। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की छोटी-से-छोटी छेड़छाड़, बदमाशी या संदिग्ध गतिविधि को छिपाने के बजाय तुरंत परिजनों या पुलिस के साथ साझा करें। विधिक कांउसलर रजनी गुप्ता ने महिलाओं व बालिकाओं को कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया।

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