गिरे हुए 13 हजार 400 रूपये रखे बैग को लौटा कर पेश की इंसानियत एवं इमानदारी की मिसाल, रास्ते में गिरा बैग, युवक ने पुलिस के जरिए महिला को लौटाया

लालसोट. आज के दौर में जहाँ लोग छोटी-सी चीज के लिए भी बेईमान हो जाते हैं, वहीं समाज में इमानदारी और इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले लोग भी मौजूद हैं। ऐसा ही एक सराहनीय मामला क्षेत्र में रविवार सुबह सामने आया है, जहाँ रास्ते में गिरा एक महिला का कीमती सामान और नकदी से भरा बैग पूरी इमानदारी के साथ उसे वापस लौटा दिया गया। जानकारी के अनुसार कविता बैरवा (पत्नी दिलीप बैरवा), निवासी राजोली अपने पीहर बाडौली, राहुवास मोड़ से वापस अपने ससुराल राजोली आ रही थीं। वह एक टैम्पो में सवार थीं। रास्ते में पीपली पातलवास के पास अचानक उनका बैग टैम्पो से नीचे गिर गया।
बैग में 13 हजार 400 रुपए की नकदी,मोबाइल, बच्चे के सोने चांदी के पेंडल समेत कई अन्य जरुरी सामान भी मौजूद थे। इसी दौरान दौसा से लालसोट की तरफ आ रहे अलवर के लक्ष्मणगढ निवासी एवं हाल कार्यकर्ता – राज फाउंडेशन संस्थान डिडवाना को रास्ते में यह लावारिस बैग पड़ा हुआ मिला। मूलचन्द मीना ने बैग को खोलकर देखा तो उसमें कीमती सामान और नकदी थी। उन्होंने तुरंत नेकदिली और जिम्मेदारी दिखाते हुए उस बैग को सुरक्षित लालसोट पुलिस थाने में जमा करवा दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बैग महिला से संपर्क किया। इसके बाद थाने में मूलचन्द मीना की उपस्थिति में पुलिस द्वारा महिला को उनका गुम हुआ बैग सभी सामान समेत सुरक्षित सौंप दिया गया। अपना खोया हुआ सामान वापस पाकर महिला और उनके परिवार ने मूलचन्द मीना की इमानदारी और लालसोट पुलिस की सजगता का सहृदय आभार व्यक्त किया। मूलचन्द मीना के इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।
