लालसोट क्षेत्र से गुजरने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से दो बांधों को बचाने की गुहार , ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, हाइवे जाम व उग्र आंदोलन की चेतावनी

लालसोट. प्रस्तावित भरतपुर-ब्यावर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के सर्वे को लेकर उपखण्ड के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को क्षेत्र की खेमावास, टोडाठेकला,पट्टी किशोरपुरा एवं खेडला खुर्द ग्राम पंचायतों के ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों ने उपखण्ड अधिकारी विजेन्द्र कुमार मीना को ज्ञापन सौंपकर एक्सप्रेसवे के रूट में बदलाव करने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक्सप्रेसवे को बिनोरी स्थित दक्षिण सागर बांध और बिनोरी सागर बांध के ऊपर से निकाला गया, तो क्षेत्र के 25 से 30 गांवों में पीने के पानी और सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम बिनोरी (पटवार मंडल पट्टी किशोरपुरा) से होकर गुजरने वाले इस हाईवे के सर्वे में इन दोनों महत्वपूर्ण बांधों को शामिल किया गया है। ये बांध सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ईआरसीपी से भी जुड़े हुए हैं, जिन्हें आपस में जोडकऱ इनकी भराव क्षमता को बढ़ाया गया है। इन बांधों पर लालसोट और बामनवास तहसील के करीब 25 से 30 गांवों के लगभग 5 लाख लोगों और हजारों मवेशियों का जीवन पूरी तरह निर्भर है। इसके अलावा, करीब 5 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई इन्हीं बांधों के पानी से होती है, जिससे हजारों किसान परिवारों का जीवन यापन चलता है।
