लालसोट में कौशल जीवन की संचित निधि व स्वावलंबन का आधार, शिविरार्थियों से रुबरू हुए डिप्टी एसपी

लालसोट. राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी एवं डिप्टी एसपी दिलीप तन्मय ने कहा है कि कौशल हमारे जीवन में संचित निधि की तरह होते हैं जिनका आवश्यकता पडऩे पर कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। डिप्टी एसपी दिलीप तन्मय ने यह बात शुक्रवार को शहर के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड एवं अनुराग सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संचालित नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर का अवलोकन करते हुए कही। शिविरार्थियों से रुबरू होते हुए डिप्टी एसपी ने कहा कि जिस तरह गुल्लक में एक-एक रुपया डालकर संचित किया जाता है और आवश्यकता पडऩे पर वह राशि हमारे लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होती है उसी तरह से धीरे धीरे सीखे हुए कौशल भी जीवन में कभी भी आवश्यकता पडऩे पर हमारे लिए बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं एवं जीविकोपार्जन का साधन बन सकते हैं। प्रधानाचार्य उमा शंकर शर्मा ने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर बालक बालिकाओं को स्वावलंबन की ओर प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर शिविर प्रभारी महेंद्र साहू ने बताया कि शिविर में 180 से अधिक बालक एवं बालिकाएं इस शिविर में भाग ले रहे हैं। संस्थान सचिव श्याम सुन्दर शर्मा ने अनुराग संस्थान की गतिविधियों के बारे में बताया। संस्थापक संयोजक सियाराम शर्मा ने आभार व्यक्त किया तथा मंच संचालन श्रीकान्त शर्मा ने किया। संस्थान अध्यक्ष अंशुल सोनी, पूर्व पार्षद चिराग जोशी, घर घर तुलसी अभियान समन्वयक अविनाश रिवाली, अनुराग शिक्षा पूर्णता अभियान समन्वयक अनुराग तिवाड़ी, निर्मला पारीक, सुनीता, पायल सैनी, राधा खाण्डल, उमेश पहाडिय़ा, कोमल शर्मा, खुशी सैनी ने भी विचार प्र्रकट किए।
