लालसोट परशुराम मंदिर में तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर का शुभारंभ

लालसोट।ब्राह्मण समाज लालसोट एवं श्री परशुराम सेना संघ के संयुक्त तत्वावधान में भगवान श्री परशुराम मंदिर परिसर में रविवार से तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर के प्रथम दिवस में बालकों को सनातन संस्कृति, नित्यकर्म, पूजा-पाठ एवं ब्राह्मणोचित संस्कारों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
शिविर में आचार्य दीपक शर्मा ने बच्चों को दैनिक पूजा-पद्धति एवं वैदिक नित्यकर्मों का अभ्यास करवाते हुए त्रिकाल संध्या, विभिन्न मुद्राएं, योग, उपासना, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, अर्घ्य प्रदान करने की विधि, गायत्री मंत्र जप तथा उपनयन धारण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित संध्या-उपासना एवं गायत्री साधना से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।
आचार्य श्याम भारद्वाज ने ब्राह्मण धर्म, कर्तव्यों एवं संस्कारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “जन्मना जायते शुद्रः” अर्थात जन्म से सभी मनुष्य समान होते हैं तथा व्यक्ति अपने श्रेष्ठ कर्मों, ज्ञान और संस्कारों से ही ब्राह्मणत्व को प्राप्त करता है। उन्होंने बताया कि ब्राह्मण को ‘द्विज’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि उसका दूसरा जन्म उपनयन संस्कार के माध्यम से ज्ञान एवं संस्कारों की दिशा में होता है।
आचार्य पवन शर्मा बिचपुरी ने भी सरल एवं सहज भाषा में बच्चों को ब्राह्मणोचित आचरण, संस्कारों एवं धार्मिक परंपराओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बालकों को अपने जीवन में सदाचार, अनुशासन एवं संस्कारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के प्रथम दिवस में प्रणव शर्मा, वंश शर्मा, मोहित शर्मा, आशीष बोहरा, शौर्य चतुर्वेदी, तनिष्क शर्मा, निखिल शर्मा, वैभव शर्मा, यथार्थ शर्मा, चिराग जैमिनी, प्रत्यक्ष भट्ट, मनन शर्मा, राघव वैष्णव, पीयूष पुरोहित, अथर्व दीक्षित, हर्ष शर्मा, आदित्य शर्मा, प्रियांशु शर्मा एवं आनंद शर्मा सहित बड़ी संख्या में बालकों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर नवीन सुकार,रामचरण बोहरा, लक्ष्मण शर्मा, मनोज भट्ट, गोविंद बगड़ी, दीपक बोहरा सहित समाज के अनेक गणमान्यजन एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
लक्ष्मण शर्मा मनोहरका ने बताया कि शिविर के माध्यम से बालकों में वैदिक संस्कार, धार्मिक ज्ञान एवं नैतिक मूल्यों का विकास किया जाएगा।
