मीन भगवान के जयकारों से गूंजा थूणियाधिराजपुरा, अभिजीत मुहूर्त में मतस्याकार मंदिर में विराजे मीन भगवान , शिव पंचायत प्रतिमाओं की हुई प्राण प्रतिष्ठा, उमड़ा आस्था का सैलाब

लालसोट. थूणियाधिराजपुरा गांव में सोमवार को नवनिर्मित भव्य श्री मीन भगवान मंदिर में श्री मीन भगवान एवं शिव पंचायत की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। अभिजीत मूहर्त में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के आचार्य पं. राजेश खाण्डल की अगुवाई में विप्र जनों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूरा क्षेत्र जय मीनेश के जयकारों से गुंजायमान हो गया। मीन भगवान प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा के यजमान बाबा हीरालाल पीठाला एवं चंदर मीना ने पूजा अर्चना की। सोमवार को दोपहर 12.15 बजे अभिजीत मुहूर्त में नवनिर्मित मंदिर के गर्भगृह में श्री मीन भगवान और शिव पंचायत की दिव्य प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस गौरवमयी और पावन पल के साक्षी बनने के लिए राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना एवं विधायक रामबिलास मीना भी पहुंचे, मंत्री किरोड़ीलाल मीना एवं विधायक रामबिलास मीना ने मीन भगवान और शिव पंचायत की दिव्य प्रतिमाओं की पूजा अर्चना करते प्रतिमाओं को दिव्य बताते हुए इसे क्षेत्र के धार्मिक इतिहास के लिए बड़ा मौका बताया।
हवन कुंड पर दी आहूतियां
मीन भगवान मंदिर में श्री मीन भगवान एवं शिव पंचायत की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर आयोजित हो रहे 108 कुंडीय मत्स्य महायज्ञ में मंत्री किरोड़ीलाल मीना एवं विधायक रामबिलास मीना भी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधान कुंड पर मुख्य यजमान घनश्याम मीना के साथ पूजा अर्चना करते हुए आहूतियां एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंत्री किरोड़ीलाल मीना एवं विधायक रामबिलास मीना का संत अवधेश दास महाराज एवं यज्ञ समिति के अध्यक्ष सेवा निवृत आईएएस बीएम मीना ने स्वागत किया। दोनो नेताओं का नेता महात्माओं का आशीर्वाद लेते हुए अपने विचार भी प्रकट किए। शिव पंचायत प्राण प्रतिष्ठा के यजमान हनुमान गुरुजी पोखरी,गिर्राज महाराज मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के यजमान जगदीश सरपंच एवं मत्स्य पुराण कथा के यजमान बाबूलाल मुकेश डीलर ने सपरिवार का पूजन किया। मीन भगवान मंदिर में श्री मीन भगवान एवं शिव पंचायत की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर हजारों श्रद्धालु साक्षी बने एवं श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा देते हुए यज्ञनारायण भगवान से मनोतियां भी मांगी।
