लालसोट नगर परिषद में वार्ड आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही कहीं खुशी तो कहीं मायूसी, अब दूसरे वार्डों में ठिकाना तलाशने लगे सभापति पद के दावेदार

लालसोट. नगर परिषद चुनाव को लेकर सोमवार को हुई वार्ड आरक्षण की लॉटरी ने शहर की सियासत में अचानक हलचल बढ़ा दी है। इस बार नगर परिषद सभापति का पद सामान्य होने से पहले ही सभापति पद के लिए दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आ चुकी थी, लेकिन वार्ड आरक्षण की लॉटरी ने कई दावेदारों के राजनीतिक गणित को पूरी तरह बदल दिया। जिन वार्डों से कई नेता सभापति की दौड़ में खुद को मजबूत मानकर चल रहे थे, उनमें से कुछ वार्ड महिला या अन्य आरक्षित वर्ग के लिए आरक्षित हो गए। ऐसे में कई दावेदारों की अब तक की चुनावी तैयारियां धरी रह गई हैं। सुबह ही वार्ड आरक्षण लाटरी को लेकर उत्सुकता बनी रही, लॉटरी के बाद लालसोट के राजनीतिक गलियारों में कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल नजर आया। किसी के लिए आरक्षण की पर्ची उम्मीदों को पंख लगाने वाली रही तो किसी के लिए यही पर्ची राजनीतिक राह में बड़ा झटका बन गई। खास तौर पर उन नेताओं को बड़ा झटका लगा है, जो अपने वार्ड से चुनाव लडकऱ सभापति पद की दावेदारी मजबूत करने की तैयारी में जुटे थे। आरक्षण लाटरी में ओबीसी के लिए वार्ड 13, 21, 22, 5 और 34 तथा ओबीसी महिला के लिए वार्ड 32 और 19 आरक्षित किए गए हैं,जबकि सामान्य महिला के लिए वार्ड 7, 15, 8, 10, 25, 17, 20 और 9 आरक्षित हुए हैं। लॉटरी के बाद अब सबसे दिलचस्प तस्वीर उन दावेदारों की है, जिनके अपने वार्ड आरक्षित हो गए हैं। इनमें से कई ने दूसरे सामान्य वार्डों में संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं।
