भैराणा धाम में औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि आवंटन से दादूपंथी समाज में रोष

लालसोट. संत दादू दयाल महाराज की मोक्षस्थली भैराणा धाम (बिचून)में औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि आवंटन को लेकर दादूपंथी समाज ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सोमवार को उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर एक ज्ञापन दिया। महंत बुधराम दास नेतृत्व में उपखंड अधिकारी विजेन्द्र कुमार मीना ज्ञापन देते हुए भंडारी नाथूदास,मुकेश लिवाली, धनपत स्वामी, ब्रह्मदास स्वामी, जगदीश स्वामी एवं प्रकाश स्वामी समेत कई जनों ने भूमि आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि संत दादू दयाल महाराज ने 500 वर्ष पूर्व मानव कल्याण, प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया था, यह स्थान समाज के लिए हरिद्वार समान है, सरकार द्वारा रीको को जमीन आवंटित करने से भैराणा धाम का प्राकृतिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाएगा। यहाँ वर्तमान में हजारों जीव-जंतुओं का बसेरा है एवं लाखों पेड़-पौधों के साथ-साथ दुर्लभ आयुर्वेदिक औषधीय वनस्पतियां भी नष्ट होने के कगार पर हैं। औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से चरगाह और प्राकृतिक संसाधन खत्म हो जाएंगे, ज्ञापन में कहा है कि प्रकृति संरक्षण के लिए जीवन न्योछावर करने वाले महान संत की मोक्षस्थली पर विनाश होने से भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ज्ञापन में दादू पंथी समाज ने भैराणा धाम, बिचून में रीको को किया गया भूमि आवंटन तुरंत निरस्त करने की मांग करते हुए इस पुरा-महत्व की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर को अनमोल संपदा घोषित कर संरक्षित किया जाए, यह केवल एक जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि लाखों जीव-जंतुओं का घर और उनकी आस्था का केंद्र है।
