सामुदायिक सहभागिता से थमेगी पशुओं से फैलने वाली बीमारियां, राजकीय नर्सिंग कॉलेज में विश्व जूनोसिस सप्ताह पर सेमीनार का आयोजन

लालसोट. विश्व जूनोसिस सप्ताह के अंतर्गत मंगलवार को राजकीय नर्सिंग कॉलेज, लालसोट में पशु-जनित (जूनोटिक) रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमीनार में राजकीय जिला चिकित्सालय के उप नियंत्रक एवं पैथोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग दैमन ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों एवं नर्सिंग संकाय को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जूनोटिक रोग ऐसे संक्रामक रोग हैं जो पशुओं से मनुष्यों में फैलते हैं। डॉ. दैमन ने रेबीज, ब्रूसेलोसिस, स्क्रब टायफस, एन्थ्रेक्स जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम, समय पर पहचान और उनके उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वर्ष 2026 के मुख्य विषय “सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से मिलकर जूनोटिक रोगों की रोकथाम” पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि “पशु-जनित रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। चिकित्सा विभाग, पशुपालन विभाग, स्थानीय प्रशासन एवं आम जनता के संयुक्त और समन्वित प्रयासों से ही इन रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।”डॉ. दैमन ने कहा कि मानव, पशु एवं पर्यावरण का स्वास्थ्य पूरी तरह एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आमजन और भावी नर्सों से अपील की कि वे व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें,सुरक्षित व स्वच्छ खाद्य पदार्थों का सेवन करें,पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण (वैक्सीनेशन) करवाएं, पशुओं के संपर्क में आते समय आवश्यक सावधानियां बरतें एवं
किसी भी संदिग्ध लक्षण के दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
पोस्टरों से दी जानकारी
सेेमीनार में नर्सिंग विद्यार्थियों को पोस्टरों के माध्यम से जूनोटिक रोगों की पहचान, बचाव एवं नियंत्रण से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारियां प्रदान की गईं।प्राचार्य राजेश मीणा एवं उप प्राचार्य बेनी प्रसाद गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों से कहा कि वे जनस्वास्थ्य से जुड़े ऐसे संवेदनशील विषयों पर हमेशा जागरूक रहें और समाज के बीच जाकर स्वास्थ्य शिक्षा का अधिक से अधिक प्रसार करें।