लालसोट में कड़ाके की सर्दी में किसान झेल रहे हैं बिजली का संकट, शाहपुरा जीएसएस पर किसानों का तीन घंटे धरना-प्रदर्शन

किसानों का बड़ा आरोप,तीन घंटे ही मिल रही है बिजली, सूख रही है फसलें
लालसोट। हमारे देश में किसान को अन्नदाता का दर्जा मिला हुआ है लेकिन हर बार रबी की फसल के सीजन के समय कड़ाके की सर्दियों में ठिठुरता रता किसान रात भर खुले आसमान के तले अपने खेत में खड़ा रहकर बिजली की बाट जोहता रहता है। इसी पीड़ा को लालसोट के शाहपुरा जीएसएस से जुड़े करीब आधा दर्जन गांवों के किसानझेल रहे हैं, सरकार की 6 घंटे बिजली देने की घोषणा के बाद भी 3 घंटे बिजली मिलने से परेशान किसानों का बुधवार को रोष फूटा पड़ा। उपखण्ड के शाहपुरा गांव के विद्युत सब स्टेशन पर बुधवार को आस पास के करीब एक दर्जनों गांवों के किसानों ने करीब 3 घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मौजूद सरपंच संघ अध्यक्ष हेमराज मीणा, भरतलाल मीणा मुकंदपुरा, विमल गोठवाल, रतन सैनी,सुरज्ञान डोई, शम्भू बलेसरा, हरकेश शाहपुरा, हनुमान, भीम सिंह गुर्जर, सीताराम गुर्जर, कजोड़ गुर्जर, देवीलाल, बीरबल गुर्जर, भौरीलाल बेरवा, शिव प्रकाश,रामकेश मीणा नगरियावास, हरकेश मीणा मलवास, भगोता गुर्जर शाहपुरा, बृजमोहन शर्मा समेत कई किसानों का कहना था कि शाहपुरा जीएसएस से जुड़े गांवों में किसानों को निर्धारित 6 घंटे के बजाए 3 घंटे ही बिजली दी जा रही है, उसमे में भी बार बार कटौती की जा रही है, जिससे उनकी फसल सूखने के कगार पर है. इसके अलावा किसानों को इस सर्दी के मौसम में भी विद्युत आपूर्ति रात्रि के समय में की जा रही हैं जिससे सभी किसान परेशान है। मामले की जानकारी मिलने पर जयपुर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता रामनरेश मीना मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों से वार्ता करते हुए एक लिखित आश्वासन दिया जिसके बाद किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया। सहायक अभियंता ने किसानों को बताया कि जल्द ही शाहपुरा जीएसएस पर एक पावर ट्रांसफार्मर रखा जाएगा इसके लिए स्वीकृति जारी करवाई जा रही है। इस ट्रांसफार्मर के लगने के बाद क्षेत्र के सभी किसानों को दिन में ही बिजली मिलेगी तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में आधे फीडर पर दिन में वह आधे फीडर पर रात में विद्युत आपूर्ति की जाएगी।
