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लालसोट. तालेड़ा जमात स्थित महन्त जी महाराज की बगीची में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य समापन, 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पाई भंडारा प्रसादी

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लालसोट. तालेड़ा जमात स्थित महन्त जी महाराज की बगीची में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य समापन, 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पाई भंडारा प्रसादी

लालसोट. तालेड़ा जमात स्थित महन्त जी महाराज की बगीची में आयोजित आठ दिवसीय भव्य श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का बुधवार को विशाल भंडारा प्रसादी, हवन-पूर्णाहुति और महाआरती के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हो गया। तपस्वी संत विजय दास जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस अनुष्ठान के अंतिम दिन आस्था का अनूठा सैलाब उमड़ा। हवन कुंडों पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां देकर विश्व शांति व मानव कल्याण की कामना की गई। इस पावन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की, जिसे सुचारू रूप से संपन्न कराने में सैकड़ों स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अपनी निस्वार्थ सेवाएं दीं। इस दौरान संत समागम का भी आयोजन किया गया, जिसमे क्षेत्र के कई प्रमुख संंत महात्मा शामिल हुए। संत महात्माओं ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल एक जीवन पद्धति नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जाति के कल्याण का मार्ग है। आज के आधुनिक युग में हमारी युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों और धर्म के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। माता-पिता का यह परम कर्तव्य है कि वे बच्चों को पाश्चात्य चकाचौंध से दूर रखकर रामायण, गीता और भागवत के नैतिक मूल्यों से परिचित कराएं। जब तक हमारी संस्कृति सुरक्षित है, तब तक हमारा राष्ट्र और समाज सुरक्षित है।कथा व्यास कमलेश शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में भक्ति, ज्ञान व वैराग्य का उदय होता है। कथा को केवल सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें बताए गए आदर्शों को जीवन में उतारना ही सच्ची भक्ति है। आयोजन में अपनी सेवा देने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस वर्ष इस विशाल वार्षिक भंडारे के सफल आयोजन को 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। संत विजय दास जी महाराज ने अपने गुरु, ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर तपस्वी बाबा मेलादास जी महाराज की पावन प्रेरणा से 14 वर्षों तक मंहत महाराज की बगीची पर मई और जून की भीषण गर्मी में प्रतिदिन कठिन पंच धूनी तपस्या की थी। वर्ष 2016 में तपस्या के पूर्ण होने के बाद से ही यहां नियमित रूप से प्रतिवर्ष श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन अनवरत जारी है।

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