विश्व मृदा दिवस पर कृषि महाविद्यालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन

लालसोट. कृषि महाविद्यालय में विश्व मृदा दिवस के मौके पर मृदा के महत्व, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और जैविक खेती की आवश्यकता विषय पर एक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। प्र्राध्यापक डॉ. लाला राम, डॉ. आर. सी. असीवाल, डॉ. तरुण कुमार जाटवा एवं डा मंजू नेटवाल—ने मृदा संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए बताया कि स्वस्थ मिट्टी ही टिकाऊ कृषि की नींव है। उन्होंने कहा कि मृदा की उर्वरता बनाए रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि बढ़ती रासायनिक निर्भरता से मिट्टी के पोषक तत्व तेजी से घट रहे हैं। अधिष्ठाता डॉ. दिनेश कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व मृदा दिवस किसानों, वैज्ञानिकों और छात्रों को यह याद दिलाने का अवसर है कि मृदा केवल खेती का साधन नहीं, बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की नींव है। उन्होंने छात्रों को जैविक खेती और मृदा परीक्षण अपनाने के लिए प्रेरित किया। सभी छात्रों ने मृदा संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की शपथ ली।
