बीजासणी माता के दरबार में उमड़ा श्रृद्धा का सैलाब, मेला रहा अपने पूरे परवान पर, संत रामाकिशन जी महाराज के सानिध्य में महाआरती में शामिल हुए श्रद्धालु।

लालसोट. उपखण्ड के खुर्रा गांव स्थित बीजासणी माता के यहां जारी पांच दिवसीय लक्खी मेला गुरुवार को पूर्णिमा के मौके पर अपने पूरे परवान पर रहा। मेलेे का समापन 4 अप्रैल को होगा। गुरुवार सुबह से ही माता के मंदिर में श्रृद्धालुओं उमड़ी भारी भीड़ से श्रृद्धा का सैलाब नजर आया। इस दौरान मंदिर परिसर में ग्रामीणों ने गोठ बजा कर माता की आराधना की। ग्रामीण महिलाएं अपने ग्रामीण परिधान मेें सज धज कर परिवार समेत लागुरिया गीत गाती हुई माता के दरबार में पहुंची। मंदिर परिसर में दिन भर दर्शनों के लिए लंबी लंबी कतारे लगी रही और श्रृद्धालुओं को दर्शनों काफी बाट भी जोहनी पड़ी। अनुमान है कि शनिवार को 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बीजासणी माता के दरबाद में हजारी लगाई है। गुरुवार सुबह से ही बगड़ी व मंडावरी की ओर से दोनो रोड़ पर दिन भर कई किमी लंबी वाहनों की कतारें नजर आई। इस दौरान मंदिर परिसर व मेला परिसर में भीड़ को काबू में रखने के लिए थानाधिकारी सुधीर उपाध्याय की अगुवाई में तैनात पुलिस कर्मियों को भी कड़ी मशक्त का सामना करना पड़ा। कई श्रृद्धालुओं ने तो भीड़ से अपने बालकों को बचाने के लिए कंधे पर चढा कर माता के दर्शन कराए। मंदिर एवं मेंला परिसर में उमड़ी भीड़ को देखते हुए दिन भर पुलिस जाब्ता के जवान दिन भर कड़ी मशक्त करते नजर आए। मेले के दौरान चाट पकोड़ी एवं शीतल पेय बेचने वाली अस्थायी दुकानों पर भी लोगों काफी भीड़ रही। मेला परिसर में मनोरंजन के लिए लगाए गए झूलों पर ग्रामीणों की काफी भीड़ रही। मेले के दौरान अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में लोहे, पीतल, स्टील से बने घरेलू व हलवाई की दुकान सामान बेचने वाले अस्थायी दुकानदार भी पहुंचे है, इन दुकानों पर ग्रामीण जम कर खरीददारी भी कर रहे है। मेले के दौरान सरपंच हरिओम मीना समेत कई अधिकारी व कार्मिक व्यवस्थाओं को अंजाम देते नजर आए। सरपंच ने बताया कि मेले का समापन 4 अप्रैल को कुश्ती दंगल के साथ होगा, इस मौके पर घुड़दौड़ प्रतियोगिता भी आयोजित होगी।
