लालसोट में कुदरत का कहर,अन्नदाता हुआ मायूस , जम कर ओलावृष्टि, सौंफ की फसल हुई तबाह, जगह जगह बिछी ओलों की चादर

लालसोट. कुदरत के कहर ने अन्नदाताओं की बची कुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। ओलावृष्टि के बाद विधायक रामविलास मीणा ने देर रात्रि तक के प्रभावित गांव का दौरा किया एवं अधिकारियों को तत्काल नुकसान के सर्वे के निर्देश भी दिए
शनिवार शाम करीब 3 बजे मौसम ने एक बार फिर पलटा खाया और लालसोट शहर के साथ डिडवाना, लाडपुरा, लखनपुरस देवली, श्रीरामपुरा, श्रीमा, शिवसिंहपुरा, दौलतपुरा श्यामपुरा कलां गांवों के साथ रामगढ़ पचवारा एवं राहुवास तहसील के अधिकांश गांव में करीब आधा घंटे तक जमकर मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान सभी जगह पर जमकर ओलावृष्टि भी हुई। कई जगह चने के आकार के ओले गिरे तो कई मोटे बर के आकार के भी ओले गिरे। ओलावृष्टि की भयावता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव में जगह-जगह आधा फीट तक की चादर जमी रही। ओले गिरने से जगह-जगह औरों की सफेद चादर बीच गई और खेतों में खड़ी सौंफ की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। ओलावृष्टि से टमाटर एवं मिर्च की फसल भी पूरी तरह तबाह हो गई है। कई गांवों में टीन शैड व छप्परपोश भी उड़ गए।
ओलावृष्टि का सबसे अधिक कहर राहुवास तहसील के रालावास, सलेमपुरा डूंगरपुर, अरनिया, निजामपुरा, राहुवास, नयावास, कल्लावास, डोब, कोलीवाड़ा एवं चांदपुर समेत समेत कई गांव में देखा गया। हालात यह रही कि नयावास समेत कई गांव में तो 1 घंटे बाद भी ओलों की आधी फीट तक चादर जमी रही। दौसा- लालसोट हाईवे पर ओलो की चादर जमी रही। पूरा हाईवे सफेद ही नजर आया। ओले गिरने के दौरान हाइवे पर वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हो गया। कल्लावास कस्बे में बारिश और ओलावृष्टि के चलते एक नीम के पेड़ का बड़ा डाल गिरने से कल्याणपुरा गांव का रास्ता बंद हो गया। वहीं ग्राम पंचायत कल्लावास की सहकारी समिति के पास बबूल का पेड़ गिरने से मुख्य बाजार का रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। उप सरपंच धर्मेन्द्र कुमार का पाटोलपोश क्षतिग्रस्त हो गया। अर्जुन मीना निचुनिया की मोटरसाइकिल नीम के पेड़ के नीचे दब गई। इसके अलावा पालुंदा भावंता समेत कई गांवों में ओलावृष्टि से तरबूज की बाड़ी नष्ट होने से किसानों को लाखोंं रुपए का नुकसान हो गया।
