लालसोट में ब्राह्मण समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन, अग्नि के समक्ष सात फेरे ले कर 14 जोड़े बधेंं परिणय सूत्र बंधन में

लालसोट. गौड सनाढ्य ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में गुरुवार को रामनवमी के मौके पर ब्राह्मण समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। शहर के अशोक शर्मा राउमावि के खेल मैदान पर आयोजित सम्मेलन में समाज के 14 युगल अग्नि की साक्षी में परिणय सूत्र बंधन में बंधें। आयोजन में प्रदेश के कई जिलों से पहुंचे समाज के पदाधिकारी व हजारों लोगों ने पहुंच कर नव विवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन का आर्शीवाद भी दिया। पाणिग्रहण संस्कार के बाद सभी नव युगल को मंच पर बिठा कर सामूहिक आर्शीवाद समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि विधायक रामबिलास मीना, गौड सनाढ्य फाउण्डेेशन के प्रदेश अध्यक्ष पं. देवीशंकर शर्मा, गौड सनाढ्य ब्राह्मण सभा दौसा के संंरक्षक शंकरलाल पाटन, भामाशाह पं. विठ्ठल भाई, पं. पुरुषोत्तम गौड, राजकुमार तिवाड़ी, बाबूलाल जैमन, देवेन्द्र शर्मा रहे एवं अध्यक्षता सम्मेलन समिति के अध्यक्ष जगदीश तिवाड़ी रहे। सभी अतिथियों ने नव दंपतियों का आशीर्वाद देते हुए आयोजन की सराहना की। इस दौरान सभी अतिथियों व भामाशाह व सहयोग कर्ताओं का महामंत्री ओमप्रकाश सुरतपुरा, कोषाध्यक्ष महेश चांदपुर, उपाध्यक्ष मोहनलाल हट्टिका, बाबूलाल पंडा,सह सचिव नीरज टोरड़ी, गोविंद बगड़ी, संगठन प्रभारी शिव शंकर जोशी,संजय उपाध्याय, सुनील खारला, राजेन्द्र डोब, मंडावरी ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष चन्द्रशेखर बंधू एवं सूरज कटारा, राधामोहन मिश्रा ने स्वागत किया। । इससे पहले गुुरुवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीव विनायक स्थापन व मण्डप स्थापना की कई। जिसके बाद परशुराम मंदिर में सभी 14 वर पक्ष की अगवानी की रस्म वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समाज के प्रबुद्ध जनों की मौजूदगी में संपन्न हुई, जिसके बाद गाजे बाजे केे साथ सामूहिक निकासी रवाना हुई।
मदद के लिए बढ चढ कर आगे आए भामाशाह
सामूहिक विवाह सम्मेलन के आयोजन में समाज के भामाशाहों की ओर से बढ चढ कर सहयोग किया गया। इसके अलावा प्र्रत्येक जोड़़ें को सोने का मंगल सूत्र, कान की बाली, नाक की बाली, चांदी की पायजेब व चिटकी, दुल्हन का बेस, फ्रीज, कूलर, एल.ई.डी., मिक्सी, प्रेस, चौकी,12. डबल बेड, गद्दें, तकिया,कंबल, ड्रेसिंग टेबिल, सेन्टर टेबिल, कुर्सी, गैस चूल्हा, सिलाई मशीन, प्रेशर कूकर, ओवन एवं रसोई के बर्तन उपहार के रुप में दिए।
