जीवन जीने का ढंग सिखाती है गीता, अनुराग – 31 के तहत गीता एवं ऊनी जर्सी वितरण कार्यक्रम

अनुराग सेवा संस्थान लालसोट द्वारा स्थापना के 31 वर्ष पूर्ण होने पर अनुराग- 31 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शामिल गीता पुस्तक वितरण एवं ऊनी जर्सी वितरण कार्यक्रम के अन्तर्गत सोमवार को इक्यावन गीता पुस्तक एवं चालीस उनी जर्सियों का वितरण किया गया।
राया में गणेश बाग में मनकामेश्वरी माता मन्दिर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षाविद् डा अंजीव अंजुम ने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के सभी संघर्षों और अनिश्चितताओं में मार्गदर्शन करने वाला एक सारगर्भित दर्शन है, जो जीवन को सही ढंग से जीने और मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है। “आत्मज्ञान ही मोक्ष है।” गीता के माध्यम से श्रीकृष्ण ने यह सिखाया है कि आत्मज्ञान ही हमें संसार के दुखों से मुक्त कर सकता है, और यही मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग है। मोक्ष की इस यात्रा में श्रीकृष्ण हमें अपनी इन्द्रियों को नियंत्रित करने, मोह-माया से मुक्त होने, और सच्चे ज्ञान की ओर बढ़ने का मार्गदर्शन देते हैं।
संस्थान सचिव श्यामसुंदर शर्मा ने संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके अंतर्गत हमारा उद्देश्य युवा पीढ़ी को गीता के मर्म से अवगत करवा कर उन्हें आध्यात्मिकता से जोड़ना है ताकि नवीन पीढ़ी के संस्कारों में आ रही कि गिरावट को रोका जा सके और राष्ट्र और समाज के लिए सुसंस्कृत नागरिकों का निर्माण किया जा सके।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा इक्यावन गीता पुस्तकों का वितरण तथा आयराखेडा उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय पनांपुरमें चालीस ऊनी जर्सियों एवं टोपों का वितरण किया गया ।
इस अवसर पर समाजसेवी विशाल भारद्वाज एवं रामलीला कमेटी राया के अध्यक्ष पंडित अभिषेक शर्मा, मनोज नागर, भाजपा मण्डल अध्यक्ष रामकुमार उपाध्याय, सुशील कुमार शर्मा, विनीत गोयल, प्रभात चौधरी, सोनू शर्मा, गजेन्द्र प्रताप सिंह, मोहित शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने गीता के संदेशों को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया
