शिक्षक संघ राष्ट्रीय महिला उपशाखा लालसोट की प्रथम महिला संगोष्ठी और खुला सत्र बालिका आदर्श विद्या मंदिर लालसोट में उप शाखा लालसोट की महिला शिक्षिकाओं की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ ।

संगोष्ठी में आने वाली सभी शिक्षिकाओं का एकता जैन द्वारा तिलक कर स्वागत अभिनंदन किया गया।पूनम शर्मा के वैदिक मंत्र और ऋचाओं के साथ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती पूजा के साथ मंत्र कार्यक्रम की शुरूआत की गई।
उपशाखा महिला मंत्री निर्मल शर्मा और उपप्राचार्य दीपशिखा शर्मा और प्रतिभा शर्मा द्वारा अतिथियों का दुप्पटा और माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्ष बैजूपाड़ा सीबीईओ अंजना त्यागी ओर मुख्य अतिथि बसवा सीबीईओ शीला मीणा रही।महिला संगोष्ठी के प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता अंजना त्यागी ने बताया कि रानी अब्बक्का चौटा का स्थान न सिर्फ इतिहास में महत्वपूर्ण है बल्कि वे आज के समय में भी एक सशक्त महिला के रूप में बेहतरीन उदाहरण है।राजनीति और शासन व्यवस्था संभालने की उनकी काबिलियत उन्हें एक सफल शासक साबित करता है साथ ही उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व के कारण ही पीढ़ी दर पीढ़ी लोककथाओं और लोकगीतों में उनकी बहादुरी और समर्पण की कहानी सुनाई जाती है।यही कारण रहा है कि साल 2000 में रानी अब्बक्का के नाम से भारतीय तटरक्षक बल के ग़श्ती पोत का नामकरण किया गया।आज हम सभी शिक्षिकाओं को रानी अब्बक्का के जीवन से प्रेरणा लेना चाहिए़।द्वितीय सत्र की वक्ता शीला मीणा ने बताया कि आज समाज में महिला को वो स्थान प्राप्त नहीं हुआ जो मिलना चाहिए।आज भी समाज में बेटे को बेटियों से ज्यादा सुख सुविधाएं दी जाती है ।आज हमारी बेटियां पढ़ाई से लेकर खेल तक में पूरे विश्व में अपना परचम पहरा रही है।यही कारण है कि आज हर राजकीय सेवाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 30 से 40% तक हो गया है।एक सशक्त समाज के निर्माण के लिए महिलाओं का सशक्त होना नितांत आवश्यक है।तृतीय सत्र की वक्ता ऊषा शर्मा ने बताया योग ओर ध्यान के महत्व को समझाया और कहा कि योग और ध्यान द्वारा हम शिक्षक हमारी क्षमता और दक्षता को परिमार्जित कर सकते है।
कार्यक्रम में मंच संचालन शायर राजपूत और प्रतिभा शर्मा द्वारा किया गया।महिला संगोष्ठी में लालसोट उपशाखा से कुसुम सिंघल,शोभा गुप्ता,निर्मला शर्मा,निर्मला पारीक,सीमा सैनी सैनी सहित शिक्षिका शामिल हुई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों ओर उपशाखा सदस्यों का आभार उपशाखा महिला मंत्री निर्मल शर्मा द्वारा किया गया।
