पीडब्ल्यूडी में रिश्वतखोरी का जाल बेनकाब | एसीबी ने तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों दबोचा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) दौसा इकाई ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी खंड लालसोट कार्यालय में डी-क्लास ठेकेदारी लाइसेंस बनवाने के नाम पर रिश्वत लेते तीन कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

गिरफ्त में आए आरोपी हैं — समुन्द्र सिंह (सहायक प्रशासनिक अधिकारी), विष्णु कुमार सैनी (चतुर्थ श्रेणी संविदाकर्मी) और हंसराज (प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर)। एसीबी की टीम ने तीनों को ₹6,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। यह रिश्वत परिवादी से ठेकेदारी का लाइसेंस बनवाने के एवज में मांगी गई थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि 15 अक्टूबर को एसीबी चौकी दौसा को शिकायत मिली थी कि आरोपीगण अधिशाषी अभियंता के नाम पर ₹5,000 और ₹2,500 की अवैध मांग कर रहे हैं। शिकायत के बाद उप महानिरीक्षक राजेश सिंह के सुपरविजन में, उप अधीक्षक नवल किशोर के नेतृत्व में टीम गठित की गई।16 अक्टूबर को गोपनीय सत्यापन किया गया, जिसमें रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। आज (17 अक्टूबर) एसीबी ने समुन्द्र सिंह को ₹3,500 लेते और विष्णु सैनी को सौंपते, जबकि हंसराज को ₹2,500 अपनी पैंट की जेब में रखते हुए पकड़ लिया। पूरी ₹6,000 की रिश्वत राशि बरामद कर ली गई है। एसीबी ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
