रामगढ पचवारा का श्रीगणेशपुरा गांव बना मिनी इजराइल, पांच दर्जन किसान पॉली हाउस लगाकर खीरे की खेती से कमा रहे हैं लाखों रुपये

लालसोट . रामगढ पचवारा उपखण्ड क्षेत्र के श्रीगणेशपुरा गांव में कृषि विभाग के अधिकारियों की सलाह से 60 से अधिक किसान पोली हाउस स्थापित कर खीरे की खेती कर प्र्रति वर्ष 15 से 20 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं। सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) दौसा अशोक कुमार मीणा ने श्रीगणेशपुरा में पॉली हाउस में खीरे की फसलों का निरीक्षण कर क्षेत्र के किसानों को आवश्यक तकनीकी सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि किसान प्रति वर्ष 4000 वर्ग मीटर आकार के एक पौली हाउस लगा कर खीरे की खेती कर रहे है। खेती के प्रेरणा स्रोत प्रगतिशील किसान कजोड़ मल मीणा एवं भरत मीना है। इन दोनों किसानों ने सबसे पहले इस गाँव में वर्ष 2020 में अपने खेतों में पौली हाउस लगाए थे, उसके बाद इन्होंने अन्य किसानों को भी पॉली हाउस की खेती के लिए प्रेरित किया और आज इस गाँव में 60 से अधिक पौली हाउस लग चुके हैं, जिसके चलते अब इस गाँव को दौसा जिले का मिनी इजऱायल भी कहा जाने लगा है, इस गाँव में इजऱाइल की तर्ज पर हाईटेक तरीके से खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि कजोड़मल मीना पोली हाउस के सबसे होशियार किसान हैं। पोली हाउस की खेती के बारे में इनको पूरी जानकारी है एवं इस जानकारी को ये जिले के सैकड़ों किसानों तक साझा करते हैं, जिससे जिले के अन्य किसानों को इनकी जानकारी का फ़ायदा मिल रहा है इनसे प्रेरित होकर सैकड़ों किसानों ने जिले में पोली हाउस लगाकर खीरे की खेती से लाखों रुपये की कृषि आय भी प्राप्त की है । पोली हाउस द्वारा किसान परंपरागत फसलों के बजाय अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं जिससे जिले में अब पॉली हाउस का क्रेज किसानों में काफी बढ़ चुका है। विभाग के द्वारा भी पौली हाउस लगाने पर 70 से 95 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। किसान राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
