राजेश पायलट राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लालसोट में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सामूहिक वाचन किया गया।

कार्यक्रम में कार्यवाहक प्राचार्य हनुमान प्रसाद मीणा ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना 7 नवंबर 1875 ई को श्री बंकिम चंद्र चटर्जी ने की थी, यह गीत उनके उपन्यास आनंद मठ में 1882 ई. में प्रकाशित हुआ था। इस गीत को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में पहली बार 1896 ई. में गाया गया था तथा संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 ई को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया था। इस गीत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सेनानियों के पथ प्रदर्शक, प्रेरणा स्रोत, राष्ट्रीय भावना एवं देश भक्ति के भाव को सुदृढ़ किया था। यह गीत भारतीय जनमानस का प्रेरणा स्रोत रहा। महाविद्यालय में 26 नवंबर 2025 तक प्रतिदिन वंदे मातरम गीत का सामूहिक गान किया जाएगा। इस अवसर पर सहायक आचार्य श्रीमती प्रिया भारती शर्मा, श्री राकेश कुमार मीना, श्रीमती कांता मीना, सुश्री भारती चतुर्वेदी, सुश्री गायत्री पांडिया, श्री देवेंद्र सिंह राजावत, श्री राजेश चौहान, श्री राधेश्याम बैरवा सहित महाविद्यालय के सभी अधिकारी कर्मचारी तथा नियमित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
