लालसोट निवासी राजकुमार”राज”को मिला अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक रत्न सम्मान

शिक्षण को एक सहयोगी पेशे के रूप में पुनर्निर्धारित करें” इस मूल नारे के साथ आज विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लालसोट राजस्थान के ख्याति प्राप्त शिक्षाविद तथा साहित्यकार राज कुमार “राज” को साहित्य सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक रत्न मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया है। साहित्यकार राजकुमार “राज” की कई रचनाएँ देश विदेश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं, साहित्य सृजन तथा शिक्षा विकास के लिए उत्कृष्ट कार्य हेतु दर्जनों प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान व पुरस्कार भी मिल चुके हैं। पिछले दिनों प्रेमचंद जी की 145 वीं जयंती पर राष्ट्रीय प्रेमचंद पुरुस्कार 2025 और संत सुंदरदास सम्मान 2025 से भी नवाजा जा चुका है ये वर्तमान में सवाई माधोपुर के छोटे से गाँव भेड़ोली में बतौर उपप्राचार्य बच्चों को अपने शिक्षण से लाभान्वित कर रहे हैं। इन्हें सम्मानित करते हुए संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु (नेपाल) ने कहा – शब्द प्रतिभा द्वारा आयोजित आयोजनों में कवि राजकुमार”राज” जैसे शिक्षक साहित्य साधक देश की अनमोल निधि है,जो कि आज अपनी बहुमुखी प्रतिभा के बल पर देश विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। संस्था बहुक्षेत्रीय प्रतिभाओं को निस्वार्थ भाव से प्रोत्साहित करती आई है।और हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार और विकास में निरंतर सक्रिय रही है। संस्था की ओर से कवि “राज़” के उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित की गई हैं।
